Monday, 17 March 2014

Wikileaks new release


Friday, 7 March 2014

अब बस कीजिये नेताजी आम आदमी को कुछ नही चाहिए आपसे और ना ही आपके बाप से .


जिसको देखो वही आम आदमी का हितेशी बनता नजर आता है चुनाव के वक़्त | हद तो तब हो गई जब एक इंजिनियर बाबु ने पार्टी का नाम ही आम आदमी पार्टी रख दिया | भाई लोकतंत्र है जिसको जैसी बकचोदी करनी है करे , उन्होंने ने भी कर लिया | पहले इंडिया अगेंस्ट करप्शन नाम की संस्था बनाई , यूथ जो की हर युग में चुतिया बनता आया है पुनः चुतिया बना और सबने इस संस्था के साथ खुद को जोड़ लिया | मै आपको क्या कहू ? मै खुद भी इसका शिकार  हूँ | मैने भी खुद को रजिस्टर किया था | इस संस्था के लिए ट्विटर और फेसबुक पे पोस्ट्स और त्वीट्स की गंगा बहाई थी इस उम्मीद में की हम सब मिल कर एक ईमानदार भारत का निर्माण कर सके | फिर आन्दोलन हुआ | हमने भी आन्दोलन के नाम पे कुछ बेवकूफियां की | कॉलेज बंक कर के धरना देने गए |अरेस्ट होते होते बचे | जन लोकपाल को जाने बिना उसका समर्थन भी किया |

फिर 26 नवम्बर २०१२ को इंजिनियर बाबु ने एक पार्टी बना डाली | फिर हमारा माथा ठनका और हमने लोकपाल को जानने की कोशिस की | लोकपाल के बारे में जब इन्टरनेट पे पढ़ा तो दंग रह गया | अरे भाई आप भ्रस्टाचार रोकने के लिए एक इतने शक्तिशाली पद का निर्माण करना चाहते है की अगर वो खुद भ्रष्ट हो जाए तो देश में त्राहिमाम मच जाएगा | पॉवर ही तो भ्रस्टाचार की जननी है इस बात को कैसे नकारेंगे आप ? बहरहाल हमने सोचा इंजिनियर बाबु पढ़े लिखे हैं देश का कुछ भला करेंगे | समर्थन जारी रहा |

फिर दिसम्बर २०१२ में कुछ ऐसा हुआ की जिसने पुरे देश को झकझोर के रख दिया | युवा शक्ति , माँत्री शक्ति जाग उठी थी अन्याय के विरुद्ध |  दिल्ली जो की बलात्कार की राजधानी बन रही थी हर कोई निर्भया के समर्थन में खड़ा हुआ | लोग जंतर मंतर पहुचे | विरोध हुआ | क्यों हुआ , किसलिए हुआ किसी को कुछ भी नही मालूम था | बरसो से अन्दर आया हुआ गुस्सा अब फूट रहा था | अपनी माँ ,अपनी बहिन , अपनी बेटी , अपनी पत्नी , नारी के लिए सभी आगे आये थे | शीला दीक्षित को भगा दिया गया | अरविन्द बाबु ने इस विरोध को हाईजैक करना चाहा और बहुत हद तक सफल भी रहे | आम आदमी पार्टी के लिए अब हर कोई रजिस्टर होने लगा | युवाओ ने सोचा इंजिनियर बाबु के साथ मिल कर एक नया भारत बनाएँगे |इंजिनियर बाबु के पार्टी समर्थको से जाने अनजाने में एक पुलिस वाले की जान चली गई | जिनको गिरफ्तार किया गया उनके समर्थन में हमने खुद भी ट्वीट किया था | ये रहा उसका साबुत |



इंजिनियर बाबु में हमे एक उम्मीद नजर आ रही थी | सोचा कांग्रेस विरोधी दल एक साथ मिल कर कांग्रेस को उखाड़ फेकेंगे | लग रहा था अब जाती धर्म से ऊपर उठ कर राजनीती होगी मगर ये क्या इंजिनियर बाबु तो सूडो सेक्युलर निकले | इमाम बुखारी के साथ वो मंच पर आये और अब ये साफ़ हो चूका था इंजिनियर बाबु क्या इंजीनियरिंग कर रहे हैं | पहले विरोध प्रदर्शन में भारत माता की तस्वीरे लगती थी और तिरंगा लहरता था मगर सेक्युलर बनने की चाहत में भारत माता की तस्वीरे हटा दी गई | हद तो तब हो गई जब इंजिनियर बाबु ने शहीद मोहनचंद शर्मा की क़ुरबानी का मजाक बना कर रख दिया | उन्हें सहयोगी वकील बाबु आये दिन कश्मीर पर कुछ न कुछ गोबर करते रहते हैं | नक्सल नेताओ के साथ आप के सम्बन्ध तो जय और वीरू जैसा है |

जितना इंजिनियर बाबु के बारे में पढ़ा उतना ही मन विचलित होता गया | फिर भी मन नही माना हमने सोचा इंजिनियर बाबु को कांग्रेस बदनाम कर रही है | तभी अखबारों में श्री अशोक खेमका जी के बारे में पढ़ा | जान कर बहुत दुःख हुआ की उनकी इमानदारी के लिए सरकार उन्हें क्या इनाम में तबादले दे रही है | जब हमने इंजिनियर बाबु के बारे में पढ़ा तो पाया इंजिनियर बाबु तो सियासत के बड़े प्रिय हैं | अपने कार्यकाल में न तो वो कभी दिल्ली से बहार गए हैं और ना ही उनकी धर्म पत्नी | भाई वाह ! कितने ईमानदार रहे होंगे इंजिनियर बाबु इसका अंदाजा अब तो आप सब भी लगा सकते हैं |  इंजिनियर बाबु ने लगभग सबको एक्स्पोस किया है मगर आज तक सोनिया गाँधी और उनके परिवार के बारे में कुछ भी बोलने से परहेज करते आये हैं | अपने फायदे के लिए उन्होंने अन्ना और किरण बेदी को भी किनारे कर दिया | इंडिया अगेंस्ट करप्शन अब सियासत की भूखी हो रही थी | मेरा जैसा कॉलेज छात्र भी अब इस बात को समझ सकता था |

दिल्ली में चुनाव हुए | चुनाव से पहले शीला दीक्षित भ्रष्ट थी | चुनाव के बाद और सम्प्रदायित ताकतों को दूर रखने के लिए आपने कांग्रेस के साथ मिल के सरकार बनाई | जो पार्टी चुनाव से पहले भ्रष्ट थी अब कुर्सी के लिए भली हो गई | इंजिनियर बाबु ने इसके लिए भी एक sms का ड्रामा किया | अरे भाई १९८४ के दंगो से घिनोना दंगा कभी हुआ है दिल्ली में ? क्या उन दंन्गो के लिए भाजपा और नरेन्द्र मोदी जिम्मेदार थे ? भाजपा पर अरविन्द बाबु बहुत कुछ बोलते नज़र आये मगर बड़े चालाकी से उन्होंने कांग्रेस नेताओ पे चुप्पी साध ली | जब पत्रकारों ने सवाल पूछे तो जवाब खांसी में दब गई |  उनके साथ अब तो  कांग्रेसी समर्थक और भाजपा विरोधी  लोग जुड़ने लगे थे | इंजिनियर बाबु ने ऐसे ऐसे वायदे किये की जो उनके "आप" से क्या "बाप" से भी पुरे नही हो सकते थे | मौका देखते ही इंजिनियर बाबु ने इस्तीफ़ा दिया मगर इस बार sms पोलिंग नही हुई |  ये सब कुछ देख कर मेरे अन्दर के आम आदमी ने बस इतना कहा बस कीजिये नेताजी आम आदमी को अब आपसे कुछ नही चाहिए | आपने आम आदमी शब्द को राजनीती के नाले में इतना गन्दा कर दिया है की अब कोई हमे आम आदमी कह दे तो आत्मा को कष्ट होता है | आपकी इंजीनियरिंग से तो बहुत कुछ दिख गया जनता को बस अब आप लोक सभा चुनाव में अपनी कांग्रेस रानी के खिलाफ वाले वोट काटेंगे ताकि आपकी मालकिन की सरकार फिर से बने |
आशा है इस बार जनता आपको झाड़ू से बहार कर फेक देगी |

बहुत चुतिया बना लिया आपने अब रास्ता नापिए | हमे बक्शिये !